नटखट चूहा | Natkhat Chuha Ki Kahani | class 2 hindi story

एक चूहा था बहुत ही नटखट और चालाक था कुछ ना कुछ शरारते  करने में हमेशा उसका मन रहता था एक दिन उसने अपने दिल में सोचा आज मैं शहर की तरफ जाऊंगा बहुत दिनों से बारिश हो रही है और बिल में बैठा बैठा वह उदास हो गया था

नटखट चूहा झटपट तैयार होकर शहर की तरफ निकल पड़ा और मस्ती से झूमता गाता हुआ शहर में पहुंचा जब वह शहर में पूछा तो उसने एक दुकानदार को देखा

दुकानदार दुकान खोल रहा था कि नटखट चूहा भी चुपचाप उसके पीछे अंदर चला गया जैसे ही दुकानदार अपनी जगह पर बैठा उसकी नजर चूहे पर पड़ी दुकानदार ने कहा अरे तू मेरी दुकान में क्या कर रहा है चल भाग जा यहां से चूहा बोला मैं अपनी टोपी के लिए कपड़ा खरीदने आया हूं

दुकानदार हंसा और कहां चूहे भी कभी टोपी पहनते हैं मैं चूहों के लिए कपड़ा नहीं बेचता चूहा गुस्से से बोला तुम मुझे कपड़ा नहीं दोगे दुकानदार बोला चल भाग यहां से मेरा समय बेकार मत कर चूहा जोर से चिल्लाया तुम मुझे कपड़ा देते हो या नहीं दुकानदार बोला नहीं बिल्कुल नहीं

इस बार नटखट चूहे ने गाना गाया

रातों-रात आऊंगा

अपनी सेना लाऊंगा

तेरे कपड़े कुतरुगा

यह सुनकर दुकानदार डर गया और कहां चूहे भैया ऐसा मत करना मैं तुम्हें टोपी के लिए रेशमी रुमाल देता हूं चूहा रेशमी रुमाल लेकर बहुत खुश हुआ और उस दुकान से चला गया

रास्ते में चलते चलते उसे फिर एक दर्जी की दुकान दिखाई दी उसने दर्जी से कहा दर्जी भाई मुझे एक टोपी सील दो दर्जी हंस पड़ा और कहां मेरा समय बर्बाद मत कर

चूहे ने कहा तुम मुझे टोपी सील कर देते हो या नहीं दर्जी ने कहा नहीं बिल्कुल नहीं तब नटखट चूहे ने फिर से वही गाना गाया

रातों रात में आऊंगा

अपनी सेना लाऊंगा

तेरे  कपड़े   कुतरुगा

दर्जी ने कहा चूहे भैया ऐसा ना करना मैं अभी तुम्हारी टोपी बना देता हूं थोड़ी ही देर में दर्जी ने चूहे की रेशमी कपड़े से टोपी बना दी नटखट चूहा उसे पहन कर अपना चेहरा शीशे में देखने लगा और बहुत खुश होकर वहां से चला गया

आगे बढ़ते जा रहा था कि उसकी नजर एक सितारे की दुकान पर पड़ी वहां बहुत सारे रंग-बिरंगे सितारे थे  वह अंदर गया और दुकानदार से कहा मुझे अपनी टोपी पर लगाने के लिए सितारे दे दो दुकानदार ने कहा तुमने टोपी पर सितारे लगाकर क्या करने हैं चल जा यहां से मेरा समय बेकार मत कर चूहे ने पूछा तुम सितारे नहीं दोगे दुकानदार ने कहा नहीं बिल्कुल नहीं चल भाग जा यहां से चूहे ने बड़े गुस्से से पूछा तुम सितारे देते हो या नहीं दुकानदार ने कहा नहीं फिर चूहे ने गाना गाया

रातों-रात आऊंगा

अपनी सेना लाऊंगा

तेरे सितारे  बिखेरूगा

दुकानदार ने कहा अरे चूहे भैया ऐसा बिल्कुल मत करना मैं तुम्हारी टोपी के लिए रंग-बिरंगे सितारे दे दूंगा और यही नहीं उन्हें तुम्हारी टोपी पर भी लगा दूंगा चूहे ने कहा अच्छा यह तो बड़ी खुशी की बात है दुकानदार ने जल्दी से चूहे की टोपी पर सितारे लगा दिए चूहा टोपी पहन कर अपने आप को किसी राजा से कम नहीं समझ रहा था उसने सोचा आज तो मैं राज दरबार जाकर राजा से जरूर मिलूंगा यह मन में सोच कर वह जल्दी-जल्दी राज दरबार में पहुंचा और राजा के सामने जाकर खड़ा हो गया राजा चूहे को देखकर बड़ा हैरान हुआ और कहा अरे चूहे जी आप यहां कैसे पहुंचे चूहे ने कहा आज मैंने सुंदर टोपी पहनी है राजा ने जवाब दिया वहां तुम तो एकदम राजकुमार लग रहे हो

चूहा झटपट बोला अच्छा तो फिर उतरो गद्दी से यहां पर मैं बैठूंगा राजा को हंसी आ गई उसने कहा चल भाग यहां से मेरा सिहासन चूहों के लिए नहीं है केवल एक राजा ही इस पर बैठ सकता है चूहे ने पूछा तो क्या तुम मुझे अपनी गद्दी नहीं दोगे राजा ने कहा बिल्कुल नहीं मैं तुम्हारे लिए अपना समय बर्बाद नहीं कर सकता राजा ने उत्तर दिया तो तुम नहीं करोगे चूहे ने फिर से पूछा नहीं नहीं राजा अपनी बात पर अड़ा रहा है राजा ने आदेश दिया पकड़ लो इस चूहे को सिपाही चूहा पकड़ने के लिए दौड़े चूहा जल्दी से भाग गया सिपाही आपस में टकराकर गिर पड़े अब चूहे ने फिर से कहा

रातों रात में आऊंगा

अपनी सेना लाऊंगा

तेरे कान कुतरुगा

राजा ने सोचा चूहों की फौज तो मेरा सारा महल तहस-नहस कर देगी वह डर के मारे कांपने लगा उसने चूहे से कहा अरे चूहे भैया तुम तो बेकार में नाराज हो गए मैं अपनी गद्दी से उतर जाता हूं तुम बड़ी शान से जितनी देर चाहो इस पर बैठ सकते हो चूहा बहुत खुश हुआ और शान से जाकर सिहासन पर काफी देर आराम करता रहा जब रात हुई चूहा गद्दी से कूदकर नीचे आ गया और खुशी खुशी अपनी बिल की ओर चल पड़ा उसने शान से अपनी चमकीली टोपी सभी साथियों को दिखाई सभी दोस्त उसकी कहानी सुनना चाहते थे

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